क्या हम सच में हैं स्वतंत्र ??
पग पग पर होते षडयंत्र ,
अपराधी चला रहे प्रजातंत्र
क्या हम सच में हैं स्वतन्त्र ??
हिन्दीभाषी हैं अपमानित ,
चारों तरफ है अंग्रेजी वाणी
इन्डिपेंडेंस डे बन गया जो कभी था स्वतंत्रता दिवस !!
क्या अब भी हम हैं स्वतंत्र ??
त्रिशूल का होता अपमान, फतवों का होता सम्मान ,
इसी से अब है हमारी पहचान
क्या सच में स्वतंत्र है एक भी इंसान ??
वर्ष भर देश को नोच नोच कर खाते ,
एक दिन झंडा फेहरा के अपने कर्तव्य की इति श्री कर जाते
ताबूतों में भी करते षडयंत्र !!
क्या अब भी कहूँ हम हैं स्वतंत्र ??
६२ साल पहले हुई एक भूल ,
जो अब बन गयी है नासूर
उसका तो कुछ न कर पाते,
अंतर्राष्ट्रीय दबाव में आ जाते
फिर भी गर्व से स्वंत्र कहलाते !!
मन को देता है झकझोर ,
वन्दे मातरम का ये शोर ,
आज हैं सब देशभक्ति में सराबोर
पर बस एक दिन का है ये सब जोश ,
कल सब हो जायेंगे खामोश ,
अगर होता रहा ऐसा ही,
तो और कब तक हम रहेंगे स्वतंत्र.......???
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
very inspirational thought.....
ReplyDelete