
खाव्बों की दुनिया ना जाने कहाँ से आई ये धुंधले बादलों की दुनिया
घनघोर अँधेरे में उजली किरण सी दुनिया
काले आकाश में चमकते तारों की दुनिया
रेतीले मैदान में हरयाली की दुनिया
अँधेरी रात में जगमगाते जुगनुओं की दुनिया
धूल भरी आंधी में महकते फूलों की दुनिया
झुलसाती धूप में रिमज़िम फुहारों की दुनिया
उफनाते तूफान में गहराईयों की दुनिया
सिसकियों में गूंजती हसी की दुनिया
सन्नाटे में मीठी आवाज़ की दुनिया
हार में हार को हराने की दुनिया
हताशा में आशाओं की दुनिया
दिलों में कितने अरमानो की दुनिया
ख्वाबों की दुनिया ...........
न जाने कितने अफसानो की दुनिया
न जाने कहाँ से आई ये धुंधले बादलों की दुनिया
vakai kiti vistrit hai khwabo ki dunia.
ReplyDelete